सोमवार, 22 अक्तूबर 2012

Shakti Ki Aaradhana

तुम शिवा भी हो 
तुम धात्री भी 
तुम क्षमा भी हो 
तुम कालरात्री भी 
हम नतमस्तक तुम्हे ध्यावे 


तुम रूप भी हो 
तुम जय भी 
तुम यश भी
तुम पराजय भी
हम नतमस्तक तुम्हे ध्यावे

तुम ज्ञान भी मेरा
स्वाभिमान भी मेरा
तुम अंज्ञान भी मेरा
तुम मोहजाल भी
हम नतमस्तक तुम्हे ध्यावे


तुम जीवन के हर सुर में
तुम जीवन की लय में
तुम सरस्वती भी हो
तुम शाकम्भरी भी
तुम जनम भी हो तो काल भी
हम नतमस्तक तुम्हे ध्यावे


हे वरदायनी , हे सिंह वाहिनी वर दो
जीवन सबका खुशियों से भर दो
सुबह -शाम जो जोत जलाये
अंतस सबका आलोकित कर दो
तन-मन चरित्र पवित्र हो
हम नतमस्तक तुम्हे ध्यावे



निष्काम करे जो सब साधना
पूरण हो सबकी कामना
सत्य बने सबका सारथि
सच्चे दिल से जो करे आरती
हम नतमस्तक तुम्हे ध्यावे
..............Written by नीलिमा .Happy Durga Navmi

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