शनिवार, 5 जनवरी 2013

सोचा था ! 
तुम लौटोगे तो 
रो दूँगी 
रोज के 
सब हाल 
कह दूँगी
दाल में चीनी
चाय में नमक
सर में होती रहती हैं
हर वक़्त एक धमक
अख़बार अलमारी में
कपडे फ्रिज में
क्या हाल हैं
मेरा तुम्हारे हिज्र में
तुमने मुझको फ़ोन घुमाया
क्या हाल हैं मोटो
कह दुलराया
ठीक हूँ और अच्छी भी
बस इतना ही में कह पायी
झट से रख कर फ़ोन को मैं फिर
रात भर न सो पाई ......................................:(

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें