बुधवार, 8 मई 2013

कन्या जन्म का अधिकार


सुनो ! सुनो! सुनो!!!

मेरे देश की बहनों
ध्यान से सुनो !!

देश में लिंग अनुपात बिगड़ रहा हैं
और व्यभिचार ज्यादा बढ़ रहा हैं
४-५ लडको पर हो रही हैं एक लड़की
भविष्य में होगी विवाह के लिय कडकी

तुम हो सूत्रधार हो सृष्टि की
तुम ही प्रजनन का आधार भी
तो अब सब तुम्हारे हाथो में है
मुह दिखाई मैं अब गहने नलो
कन्या जन्म का अधिकार लो

तुम्हारीअपनी पहली पीढ़ी ने
अपनी ही जात को बदनाम किया
बहु ने जो पोती को जन्म दिया
सास ने उसका अपमान किया
अब आयी तुम्हारी बारी हैं

कन्या भ्रूण को जन्म दो
जन्म देने वाली को मान भी
नारी हो नारी को सम्मान दो
पुरुषो को दो पैगाम भी

परिवार दिवस हैं आने वाला
परिवार अपना तुम बनाओ
बेटे बेटी का भेद मिटा कर
खुशहाल समाज तुम बनाओ . नीलिमा
 —

7 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुन्दर रचना.बहुत बधाई आपको .

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    1. मेरी रचना आपको पसंद आई इसके लिय बहुत बहुत धन्यवाद

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा कल शुक्रवार (10-05-2013) के "मेरी विवशता" (चर्चा मंच-1240) पर भी होगी!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. मेरी दो रचनाओ " फरेब" " लड़की जन्म का अधिकार " को शामिल करने का हार्दिक आधार ....ब

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  3. "नारी हो नारी को सम्मान दो "
    बहुत अच्छा सन्देश देती रचना ,नारी को ही दृढ कदम उठाना पड़ेगा.
    डैश बोर्ड पर पाता हूँ आपकी रचना, अनुशरण कर ब्लॉग को
    अनुशरण कर मेरे ब्लॉग को अनुभव करे मेरी अनुभूति को
    latest post'वनफूल'
    latest postअनुभूति : क्षणिकाएं

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    1. मेरी रचना आपको पसंद आई इसके लिय बहुत बहुत धन्यवाद

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  4. बहुत सार्थक और सारगर्भित अभिव्यक्ति...आज समाज को बेटी के प्रति अपनी मानसिकता को बदलना होगा...

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