शनिवार, 10 मई 2014

हीर राँझा


 वे  राँझेया
 अज  तेरे बुल्ल्यां  ते मेरा  ना ( नाम )

 हिक  फूल वर्गा  सजदा हे
  ते मैं  रूई  दे फाहे  वर्गी
 तेरे खोरे  जिस्म दे नाल
 खुद नु समेट  रहईया।

 एक गल्ल  डस
 जे मैं  कंडा    हूंदी
  ते तान वि  तूँ
 इन्ना हि कोल रखदा  मैंनु
 दस् मेरे  रान्झेया

 रांझे  ने एक ठंडा  होंका  भरया
 

 सुण  नी  मेरि हीरिये
 फूल तां  सारे हि सोणे   हुंदे  ने
 पर कंडया  इच खिड  दा  गुलाब
 सारेया  तुँ  सोहणा ते  सुभीता
 नी  मेरी हीरिये
  तूं  तान गुलाब हेगी
 सारेयाँ  तो सोहनी  वीँ  ते
 रानी जहि   व खरी  जि वीँ

 रांझे  दे हिक नाल लगीं   हीर 
दिल ही दिल आखन  लगी

 वे रान्झेया
 तूं  मैनू  गुलाब तँ  अख दित्ता
 पर ऎ  क्यों भुल  गयां 
 गुलाब सारयां  नु पसन्द आंदे
 ते सरैयां तु पहली गुलाब हि टूटदे
 शाखाओ तो
 हूँन  फूल दि    जिंदड़ी
 आख़िर  होंदी हि किननी  !!!!
 तू मेरे कोलो ना पूछीं  हुँ
 मेरे हन्जुआ नाल वि
 तेरे विछोडे  नही रूकने। ……………………।   नीलिमा शर्मा 


ve ranjhaya
aaj tere bullaya te mera na
ek ful warga sajda hey
main ek rooi de fahe wargi
tere jism de naal 
khud nu samet rahi haan
ek gal das
je main kanda hondi
te taan vi inna hi kol rakhda mainu
nit naye swere !
ve heeriye
ful taan saare hi sone honde ne
par kandya de wich
khid'da ful GULAAB
saraya to sohnaa
tu meri heer saareyaa fulaa to
vakhri vi te suthree vi
ve ranjheyaa
tu mainu gulaab te aakh dita
par a na bhul jaawi
gulaab nu saare
sabto pahle tod dende ne
te fulaa di umar taan
tu mere kolo naa pooch
mera hanjuaa naal
tere vichode nhi rookne !!!!! Neelima sharmaa Nivia












आपका सबका स्वागत हैं .इंसान तभी कुछ सीख पता हैं जब वोह अपनी गलतिया सुधारता हैं मेरे लिखने मे जहा भी आपको गलती देखाई दे . नि;संकोच आलोचना कीजिये .आपकी सराहना और आलोचना का खुले दिल से स्वागत ....शुभम अस्तु

3 टिप्‍पणियां:


  1. गुलाब पसंद आता है सबको इसलिए टूटता भी है सबसे पहले ....
    खुशियाँ कुछ दर्द भी समेटती हैं .
    बहुत बढ़िया !!
    यदि साथ ही संक्षिप्त भावार्थ लिख देती तो पढने और समझने में पाठकों को अधिक सुविधा होती है !

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  2. वाह ... पंजाबी में पढने का मजा दुगना हो गया ...

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  3. वे रान्झेया
    तूं मैनू गुलाब तँ अख दित्ता
    पर ऎ क्यों भुल गयां


    sahi hai...theek dassya

    हूँन फूल दि जिंदड़ी
    आख़िर होंदी हि किननी !!!!

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