संदेश

सपने झूठे होते हैं सुबह के.........

tum -hum

विवेक हीन पल

उम्मीद

यादे !!!

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आंसू के चंद कतरे

त्रिवेणी

चीखे !!

आज मैं चुप हूँ

मिटटी की गुडिया

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तुझ में रब दिखता हैं यारा मैं क्या करू ???